बुधवार, 4 नवंबर 2026

चाहतों की भीड़ है

मील का पत्थर
- by Shrishesh
चाहतों की भीड़ है फिर भी दिल अकेला है इन हसरतों का क्या जो चाहा वो नहीं मिला। नसीब का खेल है दिल को सुकून नहीं हमने कुछ और सोचा वक्त से कुछ और मिला।
© अजीत कुमार, सर्वाधिकार सुरक्षित।

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