बुधवार, 4 नवंबर 2026

वह मील का पत्थर है

मील का पत्थर
- by Shrishesh
वह मील का पत्थर है पत्थर का खुदा नहीं वह राह दिखाता सबको कोई फूल चढाता नहीं वह राह की पहचान है मन्जिल की वह जान है कितना चल लिए और कितना चलना है इसका पैमाना है वह धूल से सना है घास से लिपटा है न रूप मिला है इसको न ठौर किसी मंदिर का आकाश के नीचे रोड के नीचे पड़ा है कोई फूल चढाता नहीं धूल से धरसित वह राह दिखाता सबको पर उसका मान सम्मान नहीं। (अतीत के झरोखों से)
© अजीत कुमार, सर्वाधिकार सुरक्षित।

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