सोमवार, 22 अप्रैल 2013

सम्भावना

मनुष्य एक सम्भावना
- by Shrishesh
आप जो कुछ बनना चाहें बन सकते है, मनुष्य एक सम्भावना है, कुछ भी चुन सकते है। जो इरादे है आपके चयन के वहीं तो आपका निर्माण करते है, महापुरुषों की ज़िन्दगी इस बात का प्रमाण करते है। तेरा चयन, तेरा इरादा, तेरा कर्म सृजन करतें हैं, संकल्प- विकल्प कर्म ही जीवन बनते है। संकल्पों की दृढ़ता ही जीवन है, इरादों को टूटना ही मरण है। हर संकल्प का विघटन एक मौत है। गर मौत से डरते हो तो संकल्पों से डरो, हर संकल्प में प्राण फूंको, यहीं जीवन है। जीवन को बनाना है तो दुनिया को भूल जाओ अपने ध्येय, अपने संकल्प की दुनिया में खो जाओ। संकल्प की राह में न कोई बन्धु है, न सखा तुम अकेले हो और तुम्हे इसे पूरा करना है संसार का सहारा न मिले, कोई बात नहीं, भगवान का सहारा न मिले, कोई बात नहीं संकल्प को संकल्प का सहारा मिले, कुछ कम नहीं। श्रीशेष (अतीत के झरोखों से)
© अजीत कुमार, सर्वाधिकार सुरक्षित।

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